यूपी – यूपी उपचुनाव: भाजपा को हताशा से उबारा… 27 का सहारा, योगी की आक्रामक छवि का लाभ; चला हिंदुत्व मॉडल – INA

लोकसभा चुनाव के झटके से काफी कुछ सीखा
देखा जाए तो कुंदरकी में हिंदुओं की संख्या इतनी है नहीं कि वे अकेले दम पर चुनाव में मुस्लिम समीकरणों को ध्वस्त कर दें। फिर वहां भाजपा की 1.40 लाख से अधिक मतों से जीत दर्ज करना सपा के लिए साफ संकेत हैं कि मुस्लिम अब ‘लकीर के फकीर’ बनकर नहीं रहना चाहे। हैं। साथ ही सपा उम्मीदवार से नाराजगी ने भी भाजपा की जीत की राह आसान कर दी । जिसके अलग से विश्लेषण की जरूरत है। बहरहाल उपचुनाव के नतीजे भाजपा का आत्मबल बढ़ाने वाले और यह संदेश देने वाले हैं कि पार्टी नेतृत्व ने ही नहीं बल्कि नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी लोकसभा चुनाव के झटके से काफी कुछ सीखा है। उसमें सुधार किया है। यह भी माना जा रहा है कि योगी के नेतृत्व को कोई चुनौती नहीं है। उन पर लोगों का भरोसा दृढ़ है। अगर उनके नेतृत्व को लेकर संशय खड़ा होगा तो भाजपा को नुकसान होगा ।
योगी का हिंदुत्व व विकास मॉडल सफल
नतीजों ने साफ कर दिया है कि प्रदेश के लोगों को न सिर्फ योगी और उनकी सरकार पर विश्वास है बल्कि वे उनके विकास मॉडल पर भी पूरी तरह उनके साथ खड़े हैं । नतीजों ने यह भी साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में योगी के नेतृत्व को कोई चुनौती नहीं है । योगी पर भरोसा भाजपा को न सिर्फ . लेकर जा सकता है बल्कि कुंदरकी और कटहरी जैसी विपक्ष के गढ़ में भी सेंध लगा सकता है । नतीजों ने यह भी साफ कर दिया है कि लोग उनके काम करने की शैली से भी पूरी तरह सहमत है । जिसमें अपराधियों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई भी है और प्रखर हिंदुत्व भी है ।
योगी की आक्रामक शैली का भाजपा को लाभ
लंबे समय से देश और प्रदेश की राजनीति पर पैनी और नजदीकी निगाह रखने वाले वरिष्ठ पत्रकार रतनमणि लाल बताते हैं कि राम जन्मभूमि आंदोलन के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव आया है। जिसे समझने की जरूरत है। यह बदलाव है राजनीति में आक्रामकता का और भरोसे का। रतनमणि कहते हैं कि मुलायम सिंह यादव, कल्याण सिंह और मायावती की आक्रामक शैली पर जिस तरह से लोगों को भरोसा था। यही शैली योगी आदित्यनाथ की भी पूंजी है। लोगों को यह भरोसा है कि योगी जो कहेंगे उसे पूरा करके ही दम लेगें। योगी अक्रामक शैली का ही भाजपा को लाभ हो रहा है।



