आगरा। चंद मिनटों की बारिश बुधवार दोपहर में हुई, लेकिन नाले चोक होने और सीएम ग्रिड के काम के दौरान नाले बंद कर देने से दिल्ली गेट और एमजी रोड पर पानी भर गया। जलभराव के कारण लोगों को घंटों तक जूझना पड़ा। दिल्ली गेट के गोवर्धन होटल की पार्किंग में नाले का गंदा पानी भर गया, जिसमें कारें और बाइक डूब गईं, वहीं बाग फरजाना रोड की दुकानाें में भी पानी भर गया, जिसे रात तक दुकानदार निकालने में जुटे रहे। एमजी रोड, टेढ़ी बगिया, खेरिया मोड़ और कैलाशपुरी की ओर जलभराव ने लोगों की मुश्किल बढ़ा दी।
महज 15 मिनट की बारिश ने सैकड़ों लोगों को जलभराव से परेशान कर दिया। दिल्ली गेट पर सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य में नाले के अंदर से पाइप निकालने के कारण पानी रुक गया और गोवर्धन होटल में भर गया। यहां पुष्पांजलि अस्पताल के पास पहले ही नाला चोक पड़ा है। ऐसे में बाग फरजाना रोड की दुकानों पर नाले का गंदा पानी भर गया। यहां से लोग . बढ़े तो एमजी रोड पर सूरसदन से हरीपर्वत के बीच ऊबड़-खाबड़ सड़क पर एक फीट तक पानी भर जाने से मुश्किल में आ गए। खेरिया मोड़, राजपुर चुंगी, वीआईपी रोड, बसई, इंद्रापुरम, टेढ़ी बगिया, कालिंदी विहार रोड पर पानी भरा रहा। बाग फरजाना के पार्षद शरद चौहान ने बताया कि पुष्पांजलि नाला पूरी तरह से चोक है। इसकी सफाई की जगह इसे दिल्ली गेट पर सीएम ग्रिड के काम में बंद कर दिया गया। नामित पार्षद संजय राय ने बताया कि नाले के अंदर से पीवीसी पाइपों को निकाला गया है। इससे प्रवाह रुक गया है। नगर निगम के अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने दावा किया कि पंप लगाकर पानी निकलवाया गया। कंट्रोल रूम में सूचनाएं मिलने पर तत्काल कार्रवाई कराई गई।
बारिश ने बढ़ाई परेशानी, जगह-जगह लगा जाम
आगरा। बारिश से शहर में कई जगह जलभराव हो गया। इससे एमजी रोड और हाईवे पर वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। वाहनों की लंबी लाइन लग गई। लोगों को दो घंटे तक परेशान होना पड़ा। सबसे ज्यादा दिक्कत भगवान टाकीज पर हुई। बारिश खत्म होने के बाद वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम लग गया। सर्विस रोड पर वाहन फंस गए। दयालबाग और सूरसदन की तरफ भी लाइन लग गई। यही हाल हाईवे पर गुरुद्वारा गुरु का ताल के पास भी रहा। यहां पर मेट्रो का कार्य चल रहा है। हाईवे के एक तरफ पानी भरने की वजह से वाहन फंस गए। शाम तकरीबन 4 बजे से शाम 6 बजे तक यही हाल रहा। पुलिसकर्मी धीरे-धीरे वाहनों को निकलवा रहे थे। यही हाल हरीपर्वत चाैराहे का भी रहा। सड़क पर गड्ढों में पानी भर गया। वाहनों की रफ्तार कम होने पर जाम लगने लगा।