खबर शहर , Agra News: मंडी, जीएसटी और निकायों की मनमानी के खिलाफ व्यापारियों ने खोला मोर्चा – INA

आगरा। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने मंडी समिति, जीएसटी विभाग, नगर निकायों की मनमानी और ई-कॉमर्स कंपनियों की नीतियों के खिलाफ बुधवार को मोर्चा खोल दिया। इटावा में हुई प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में व्यापारियों के उत्पीड़न पर रोक लगाने और व्यापारिक नियमों में व्यावहारिक बदलाव की मांग उठाई गई।
प्रदेश अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में व्यापारियों की समस्याओं पर मंथन हुआ। प्रदेश युवा महामंत्री गिर्राज अग्रवाल ने बताया कि मंडी में ई-ट्रैकिंग गेट पास पूरी तरह समाप्त करने और मंडी सचिवों की मनमानी पर लगाम के लिए व्यापारी समिति गठित करने की मांग उठी।
जीएसटी को लेकर मांग रखी गई कि वार्षिक ऑडिट की सीमा 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये की जाए। 40 लाख तक के टर्नओवर वाले छोटे कारोबारियों को अनावश्यक नोटिस से राहत मिले और ई-वे बिल की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 2 लाख रुपये हो।
एसआईबी की कार्रवाई रोकने और ई-कॉमर्स कंपनियों की भारी छूट से खुदरा बाजार को बचाने के लिए कड़े नियम लागू करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा नगर निकायों में हाउस व वाटर टैक्स की बेतहाशा वृद्धि रोकने, फार्मासिस्ट नियमों को व्यावहारिक बनाने समेत कई और मुद्दे उठे।
संचालन प्रदेश महामंत्री डॉ. दिलीप सेठ ने किया। इस मौके पर व्यापारी कल्याण बोर्ड के राष्ट्रीय सदस्य सुनील पांडे, प्रदेश युवा अध्यक्ष जितेंद्र सोनी, जिलाध्यक्ष गिरिराज अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार गुरनानी व प्रदेश मंत्री दीपक शर्मा समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
15 अक्तूबर को काला दिवस मनाएंगे व्यापारी
यूपीआई पर 15 अक्तूबर से लागू होने जा रहे मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क के विरोध में सम्मेलन में आंदोलन की रणनीति बनी। प्रदेश उपाध्यक्ष टीएन अग्रवाल ने बताया कि 15 अक्तूबर को सभी जिलों में व्यापारी काला दिवस मनाएंगे। इससे पहले 10 अक्तूबर को जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन देंगे। फिर भी सरकार नहीं मानी तो यूपीआई भुगतान का बहिष्कार करेंगे।