यूपी – हाथरस: गोवंश की मौत पर हरकत में आया प्रशासन, सीडीओ ने किया गांवों का दौरा, पशुपालकों से ली बीमारी की जानकारी – INA

लंपी जैसी बीमारी के बढ़ते प्रकोप और सात गोवंश की मौत पर संवाद न्यूज एजेंसी की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। बृहस्पतिवार को हाथरस मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित ने पशुपालन विभाग की टीम के साथ प्रभावित गांवों का दौरा किया और ग्रामीणों को बीमार पशुओं के बेहतर इलाज का भरोसा दिलाया।
गौरतलब है कि इन-दिनों मोनिया, एदलपुर, मीरपुर, बिचपुरी और पोदा सहित कई गांवों में गोवंश लंपी जैसी बीमारी से पीड़ित हैं। गांव पोदा निवासी राकेश कुमार की दुधारू गाय भी लंपी जैसी बीमारी से मरणासन्न अवस्था में है। जब सीडीओ पीएन दीक्षित राकेश के घर पहुंचे तो उन्होंने बताया कि साहब, पशुपालन विभाग का टोल फ्री नंबर तो काम ही नहीं कर रहा है। इस कारण विभाग तक सूचना भी नहीं पहुंच पा रही। मजबूरी में हमें निजी डॉक्टर से बीमार पशुओं का इलाज कराना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि बीमारी के चलते दुधारू पशुओं में दूध तेजी से घट रहा है। निजी चिकित्सकों से महंगा इलाज कराने के कारण पशुपालक आर्थिक नुकसान झेलने को मजबूर हैं। गांवों में अचानक अधिकारियों के काफिले, एंबुलेंस और पशुपालन विभाग की टीम को देखकर लोगों की भीड़ जुट गई। टीम लगभग दो घंटे तक गांव में मौजूद रही।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विजय कुमार के नेतृत्व में पहुंची विभागीय टीम ने संक्रमित पशुओं की जांच कर दवाएं दीं। सीडीओ पीएन दीक्षित ने सीवीओ डाॅ.विजय कुमार को स्वस्थ पशुओं के तत्काल टीकाकरण के निर्देश दिए और पशुपालकों को बचाव के उपाय समझाए। उन्होंने अपील की कि किसी भी पशु में लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सालय को सूचित करें।
गिजरौला गोशाला का किया निरीक्षण
सीडीओ ने ग्राम पंचायत कजरौठी के गिजरौला स्थित अस्थायी गोशाला का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने गोशाला की साफ-सफाई और गोवंश की स्थिति का जायजा लेते हुए कर्मचारियों को नियमित निगरानी के निर्देश दिए।