UP News: दिल्ली मुंबई लिंक एक्सप्रेसवे, AIIMS पहुंचना आसान, मयूर विहार-सराय काले खां एलिवेटेड रोड से कितने फायदे? – INA

मयूर विहार-सराय काले खां का बारापुला फेस-III एलिवेटेड रोड आम लोगों के लिए खुल गया है. दूसरी ओर डीएनडी से जैतपुर को जोड़ने वाला लगभग 9 किमी का दिल्ली-मुंबई लिंक एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) भी एक दिन पहले खोला गया है. दोनों को साथ देखें तो दिल्ली-NCR के ट्रैफिक का पैटर्न काफी बदलने वाला है. काफी हद तक जाम से मुक्ति मिल सकती है. हालांकि, इन दोनों रास्तों के खुलने कई जगहों पर जाम की समस्या भी बन सकती है. ऐसे में ये जानना अहम हो जाता है कि इससे फायदा होगा या नुकसान, साथ ही फायदा किसे होगा और नुकसान किन इलाके के लोगों को होगा?

किन इलाकों के लोगों को सबसे ज्यादा फायदा होगा?

सबसे बड़ा फायदा पूर्वी दिल्ली को होगा. क्योंकि इन दोनों रास्तों के खुल जाने से मयूर विहार, पटपड़गंज, लक्ष्मी नगर, अक्षरधाम, आईपी एक्सटेंशन, त्रिलोकपुरी, विनोद नगर आदि से दक्षिण/मध्य दिल्ली जाने वालों को आसानी होगी.

पहले मयूर विहार से सराय काले खां या आगे एम्स, धौला कुआं और राजौरी गार्डन जाने में रिंग रोड, आईटीओ/आश्रम आदि के ट्रैफिक पर निर्भरता रहती थी. अब मयूर विहार से सीधे एलिवेटेड रोड से सराय काले खां पहुंचा जा सकेगा. यह करीब 3.5 किमी का तीन-लेन सिग्नल-फ्री कॉरिडोर है.

दूसरा बड़ा फायदा नोएडा को होगा. इससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और पूर्वी दिल्ली से दक्षिण दिल्ली जाने वालों के लिए मयूर विहार-बारापुला एलिवेडेट रोड उपयोगी होगा.

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पूर्वी दिल्ली का जाम कैसे कम होगा?

पहले पूर्वी दिल्ली के लोगों को दक्षिण दिल्ली जाने के लिए मयूर विहार से अक्षरधाम के साथ वाली सड़क से सरायकाले खां और फिर बारापूला या महारानी बाग से होते हुए आगे बढ़ना पड़ता था. इसमें काफी जाम की समस्या होती थी. सरायकाले खां में काफी जाम का सामना करना पड़ता था. हालांकि, अब मयूर विहार से लोग एलिवेटेड रोड से बिना किसी जाम और सिग्नल के सीधे एम्स पहुंच सकेंगे और वो भी कुछ ही मिनटों में.

यानी पूर्वी दिल्ली से आने वाला काफी ट्रैफिक नीचे की सड़कों से हटकर ऊपर चला जाएगा. इसीलिए सरकार का अनुमान है कि इससे NH-24, डीएनडी और रिंग रोड पर भी दबाव कम हो सकता है.

लेकिन एक महत्वपूर्ण बात ये है कि सराय काले खां पर ट्रैफिक खत्म नहीं होगा, बस उसका स्वरूप बदलेगा. क्योंकि बारापुला का ट्रैफिक और दिल्ली मुंबई लिंक एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) का ट्रैफिक, दोनों इसी बड़े जंक्शन के आसपास मिलते हैं.

कालिंदी कुंज का जाम कैसे खत्म होगा?

कालिंदी कुंज का जाम खत्म होगा, यह कहना थोड़ा जल्दबाजी होगी. हालांकि, लिंक एक्सप्रेसवे के खुलने से यहां ट्रैफिक कम हुआ है. डीएनडीजैतपुर लिंक का सबसे महत्वपूर्ण फायदा यह है कि डीएनडी से आने वाला ट्रैफिक फरीदाबाद/जैतपुर की तरफ सीधे दिल्ली मुंबई लिंक एक्सप्रेसवे ले सकता है.

पहले बहुत से लोग डीएनडी से कालिंदी कुंज होते हुए बदरपुर/फरीदाबाद की ओर जाते थे. अब विकल्प के रूप में डीएनडी से दिल्ली-मुंबई लिंक एक्सप्रेसवे लेकर बदरपुर, फरीदाबाद और आगे मुंबई की ओर जा सकते हैं. करीब 9 किमी के इस लिंक का लगभग 8.5 किमी हिस्सा एलिवेटेड है. इससे कालिंदी कुंज पर फरीदाबाद जाने वाला कुछ ट्रैफिक हट सकता है.

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कहां-कहां जाम बढ़ सकता है और क्यों?

  • सराय काले खां

नए बारापुला कॉरिडोर और DNDDelhi-Mumbai Expressway लिंक के कारण सराय काले खां पर जाम का दबाव सबसे ज्यादा बढ़ सकता है. यहां पहले से ही बारापुला, DND, आश्रम, रिंग रोड और NH-9/NH-24 की ओर जाने वाला ट्रैफिक आता है. अब मयूर विहार से आने वाला नया ट्रैफिक भी इसी नेटवर्क में जुड़ेगा. इसलिए ऊपर के रास्ते से यात्रा तेज होने के बावजूद सराय काले खां के जंक्शन और मर्जिंग प्वाइंट्स पर ऑफिस आने-जाने वाले समय में दबाव बढ़ सकता है.

  • बारापुला के लूप और रिंग रोड

मयूर विहार से आने वाला ट्रैफिक बारापुला के मौजूदा नेटवर्क में शामिल होकर दक्षिण दिल्ली और AIIMS की ओर जाएगा. यदि अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों की मर्जिंग सुचारु नहीं रही, तो बारापुला के लूप, रिंग रोड और आसपास के हिस्सों में गाड़ियों की कतार बन सकती है. यानी नए कॉरिडोर से एक हिस्से का जाम कम होगा, लेकिन ट्रैफिक का दबाव आगे बढ़ सकता है.

  • DND-आश्रम-सराय काले खां कॉरिडोर

DND और नए एक्सप्रेसवे से आने-जाने वाले वाहनों की संख्या बढ़ने पर आश्रम से सराय काले खां तक के हिस्से में ऑफिस आने-जाने वाले समय के दौरान दबाव बढ़ सकता है. खासकर तब, जब DND, आश्रम और सराय काले खां से आने वाला ट्रैफिक एक साथ आगे बढ़े. इस कॉरिडोर की क्षमता और ट्रैफिक सिग्नल/मर्जिंग व्यवस्था इसलिए महत्वपूर्ण रहेगी.

  • कालिंदी कुंज

नए DNDजैतपुर लिंक से फरीदाबाद और आगे जाने वाले ट्रैफिक को नया वैकल्पिक रास्ता मिलेगा, जिससे कालिंदी कुंज पर कुछ पुराने ट्रैफिक का दबाव कम हो सकता है. लेकिन कालिंदी कुंज पूरी तरह खाली नहीं होगा, क्योंकि नोएडा, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली और आसपास के स्थानीय ट्रैफिक का आवागमन जारी रहेगा. नए एक्सप्रेसवे से एंट्री और एग्जिट पर ट्रैफिक को बेहतर तरीके से नहीं संभाला गया तो यहां जाम का दबाव कुछ समय के लिए बढ़ भी सकता है.

देश के किन शहरों में जाना आसान होगा?

नए DNDजैतपुर लिंक से दिल्ली सीधे Delhi-Mumbai Expressway नेटवर्क से जुड़ गई है, जिससे दिल्ली से फरीदाबाद, बल्लभगढ़, पलवल, सोहना और राजस्थान के जयपुर, सवाई माधोपुर, कोटा समेत कई शहरों की ओर जाना आसान हो सकता है. आगे इस नेटवर्क के जरिए मध्य प्रदेश, गुजरात और मुंबई तक पहुंच भी बेहतर होगी. हालांकि हर शहर के लिए यही सबसे छोटा या तेज रास्ता होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आप दिल्ली में कहां से चल रहे हैं और आपका गंतव्य कहां है. सरकार की योजना के अनुसार वडोदरा तक कनेक्टिविटी 2026 के अंत तक और आगे बेहतर होने की उम्मीद है.

नोएडा आने वालों को क्या फायदा होगा?

नोएडा से दक्षिण दिल्ली जाने वालों को बारापुला-III से बड़ा फायदा होगा. नोएडा से DND होते हुए मयूर विहार और फिर बारापुला-III के रास्ते सराय काले खां, AIIMS और दक्षिण दिल्ली की ओर जाना आसान होगा. इससे सिग्नल और स्थानीय सड़कों पर निर्भरता कम होगी. परियोजना से जुड़े अनुमानों के अनुसार, पीक ऑवर में नोएडा/पूर्वी दिल्ली से AIIMS तक का सफर करीब 3540 मिनट से घटकर लगभग 15 मिनट हो सकता है, हालांकि वास्तविक समय ट्रैफिक पर निर्भर करेगा.

नोएडा से फरीदाबाद, जयपुर और राजस्थान की ओर जाने वालों के लिए DND से नया Delhi-Mumbai Expressway लिंक ज्यादा उपयोगी होगा. नोएडा से DND होते हुए जैतपुर और फिर फरीदाबाद की ओर सीधे जाने का विकल्प मिलेगा. आगे इसी एक्सप्रेसवे से सोहना, राजस्थान और देश के पश्चिमी हिस्सों की ओर जाना आसान होगा.

क्या गुरुग्राम जाने वालों को भी फायदा होगा?

गुरुग्राम जाने वालों को भी नए नेटवर्क का फायदा मिल सकता है, खासकर नोएडा और पूर्वी दिल्ली से दक्षिणी गुरुग्राम, सोहना और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड की ओर जाने वालों को. ऐसे यात्री DND से नए Delhi-Mumbai Expressway लिंक के जरिए जैतपुर, फरीदाबाद और सोहना होते हुए गुरुग्राम पहुंच सकते हैं. हालांकि सेंट्रल गुरुग्राम, साइबर सिटी या MG रोड जाने वालों के लिए हर बार यही सबसे सीधा रास्ता नहीं होगा; उनके लिए DNDआश्रमरिंग रोडDelhi-Gurugram रूट भी ट्रैफिक की स्थिति के अनुसार बेहतर हो सकता है.

किसे फायदा, किसे नुकसान?

कुल मिलाकर, इन दोनों नए कॉरिडोर का सबसे बड़ा फायदा पूर्वी दिल्ली, मयूर विहार और नोएडा को होगा. मयूर विहार से दक्षिण दिल्ली और AIIMS जाना आसान होगा, जबकि नोएडा से फरीदाबाद और आगे राजस्थान की ओर जाने के लिए DNDजैतपुरDelhi-Mumbai Expressway नया विकल्प देगा. कालिंदी कुंज पर फरीदाबाद की ओर जाने वाले ट्रैफिक में राहत मिल सकती है, लेकिन वहां जाम पूरी तरह खत्म होना तय नहीं है.

दूसरी ओर सराय काले खां सबसे बड़ी चुनौती बना रह सकता है, क्योंकि कई दिशाओं का ट्रैफिक यहां आकर मिलेगा. फरीदाबाद और सोहना को सीधा फायदा मिलेगा, जयपुर और राजस्थान की ओर सफर आसान होगा और गुरुग्राम जाने वालों को भी, खासकर सोहना और दक्षिणी गुरुग्राम की ओर, कुछ यात्राओं में लाभ मिल सकता है. आगे Delhi-Mumbai Expressway नेटवर्क के विस्तार से मध्य प्रदेश, गुजरात और मुंबई की ओर जाने वालों को भी फायदा बढ़ेगा.

सबसे अहम बात

ये दोनों सड़कें दिल्ली में सिर्फ नया रास्ता नहीं जोड़ रही हैं; ये ट्रैफिक को अलग-अलग दिशाओं में बांटने का नया नेटवर्क बना रही हैं. इसका फायदा तभी पूरा मिलेगा जब Sarai Kale Khan, Kalindi Kunj, डीएनडी और अलग-अलग exit/merging points पर traffic management भी उसी हिसाब से किया जाए. अभी शुरुआती दिनों में कुछ जगहों पर जाम कम होने के बजाय अस्थायी रूप से बढ़ भी सकता है, क्योंकि वाहन चालक नए routes को अपनाते हैं और traffic patterns बदलते हैं.

दिल्ली मुंबई लिंक एक्सप्रेसवे, AIIMS पहुंचना आसान, मयूर विहार-सराय काले खां एलिवेटेड रोड से कितने फायदे?


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