UP News: श्रमिक आंदोलन के बाद एक्शन मोड में नोएडा पुलिस कमिश्नर, DCP-ACP हटाए गए; अब तक इन पर गिरी गाज – INA

Noida News: नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन के बाद पुलिस कमिश्नरेट में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिला है. कानून-व्यवस्था की स्थिति पर उठे सवालों के बीच पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने सख्त कदम उठाते हुए सेंट्रल नोएडा की डीसीपी और एसीपी-1 को पद से हटा दिया है. बताया जा रहा कि श्रमिकों के आंदोलन के दौरान मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया था और यह मामला उग्र हो गया. यदि शुरुआती स्तर पर ही स्थिति को नियंत्रित किया जाता तो शायद हिंसा और तनाव की नौबत नहीं आती, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई है.
श्रमिकों के आंदोलन ने खड़े किए सवाल
नोएडा में हुए श्रमिक आंदोलन ने पुलिस की तैयारी और खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए थे. आरोप है कि स्थानीय स्तर पर पर्याप्त इनपुट नहीं जुटाए गए और न ही संभावित जोखिम का सही आकलन किया गया, जिसको लेकर यह कार्रवाई की गई. हालांकि इस मामले में किसी भी अधिकारी का कोई बयान सामने नहीं आया है, लेकिन इस कार्रवाई को पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह का सख्त संदेश माना जा रहा है कि कानून-व्यवस्था के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं कि जाएगी.
उच्च अधिकारियों पर गिरी गाज
बताया जा रहा कि श्रमिक आंदोलन के दौरान हालत बिगड़ने और हिंसा की घटनाएं सामने आने के बाद पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हुए थे. इसी के मध्य नजर यह कार्रवाई की गई. डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैव्या गोयल को हटाकर उनकी जगह फिलहाल डीसीपी ट्रैफिक शैलेंद्र सिंह को सेंट्रल नोएडा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. वहीं दूसरी ओर एसीपी-1 सेंट्रल नोएडा उमेश यादव को भी पद से हटाया गया है. उनकी जगह दीक्षा सिंह को नई जिम्मेदारी दी गई है. वहीं पुलिस कमिश्नरेट का मानना है कि नए अधिकारियों की तैनाती से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा.
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
गौरतलब है कि इससे पहले फेस-टू थाना प्रभारी अवधेश प्रताप सिंह और लोकल इंटेलीजेंस यूनिट के एक कांस्टेबल पर भी कार्रवाई की जा चुकी है. इन अधिकारियों पर आरोप था कि इन्होंने समय रहते स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया और जरूरी इनपुट या सतर्कता नहीं बरती, जिसके चलते यह आंदोलन धीरे-धीरे उग्र हो गया. सूत्रों के अनुसार पुलिस मुख्यालय का मानना है कि श्रमिक आंदोलन को शुरू में गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके कारण हालात धीरे-धीरे बिगड़ते गए और प्रदर्शन उग्र रूप ले गया. यदि शुरुआती स्तर पर ही स्थिति को नियंत्रित किया जाता तो शायद हिंसा और तनाव की नौबत नहीं आती.
इस कार्रवाई को पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह का कड़ा संदेश माना जा रहा है कि कानून-व्यवस्था के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि लापरवाही बरतने वाले अन्य पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की जाएगी.
श्रमिक आंदोलन के बाद एक्शन मोड में नोएडा पुलिस कमिश्नर, DCP-ACP हटाए गए; अब तक इन पर गिरी गाज
Copyright Disclaimer :-Under Section 107 of the Copyright Act 1976, allowance is made for “fair use” for purposes such as criticism, comment, news reporting, teaching, scholarship, and research. Fair use is a use permitted by copyright statute that might otherwise be infringing., educational or personal use tips the balance in favor of fair use.
Credit By :-This post was first published on https://www.tv9hindi.com/, we have published it via RSS feed courtesy of Source link,

