Sport : EXPLAINER: विनेश फोगाट को WFI ने क्यों किया अयोग्य घोषित और कैसे सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला? यहां पढ़ें पूरा घटनाक्रम #INA

Vinesh Phogat WFI Controversy: भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट और भारतीय कुश्ती महासंघ के बीच अभी भी हक की लड़ाई जारी है. भारत के लिए दर्जनों मेडल जीतने वाली विनेश फोगाट ने अपना हक पाने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जहां उन्हें इंसाफ मिला. हाई कोर्ट ने WFI को आदेश दिया था कि वह फोगाट को ट्रायल्स में हिस्सा लेने दे. मगर, भारतीय कुश्ती महासंघ ने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने भी फैसला विनेश के पक्ष में सुनाया और माना कि यदि कोई और होता, तो मामला अलग हो सकता था. लेकिन, विनेश ने भारत को गौरव दिलाया है. इसलिए अब विनेश फोगाट 2026 एशियाई खेलों के ट्रायल्स में हिस्सा ले सकती हैं. इस विवाद के चलते विनेश फोगाट का मामला इस वक्त चर्चा में बना हुआ है… तो आइए आपको इस मुद्दे के बारे में विस्तार से बताते हैं कि ये मामला कब शुरू हुआ है… अब तक क्या-क्या अपडेट आई है…

कैसे शुरू हुआ मामला?

1 जुलाई 2025 को विनेश फोगाट ने बेटे को जन्म दिया था. मगर, अब इस बात को लगभग 10 महीने हो चुके हैं और वह एक्शन में लौटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. मगर, उनके लिए इस रास्ते को WFI मुश्किल बनाने का काम किया.

जी हां, मां बनने के बाद कुश्ती में वापसी कर रहीं स्टार पहलवान विनेश फोगाट को भारतीय कुश्ती महासंघ ने घरेलू टूर्नामेंट्स खेलने से अयोग्य घोषित कर दिया था. महासंघ का मानना था कि संन्यास के बाद वापसी करने वाले खिलाड़ियों के लिए एंटी डोपिंग नियमों के तहत 6 महीने पहले नोटिस देना जरूरी होता है, साथ ही नए नियमों के अनुसार ट्रायल्स में भाग लेने के लिए 2025 या 2026 में कोई पदक जीतना आवश्यक था. इसके अलावा, WFI ने विनेश को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था.

Vinesh Phogat ने कोर्ट का दरवाजा क्यों खटखटाया?

विनेश फोगाट भारत के लिए दर्जनों मेडल जीत चुकी हैं और वह भारत की दिग्गज पहलवानों में शुमार हैं. ऐसे में जब भारतीय कुश्ती महासंघ ने विनेश फोगाट को अयोग्य घोषित कर दिया, तो उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. WFI द्वारा रोके जाने के बाद विनेश ने दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था. ये कहना गलत नहीं होगा कि विनेश का 2026 एशियाई खेलों में शामिल होना देश के लिए रेसलिंग में मेडल लाने की उम्मीद को बढ़ा देगा.

हाईकोर्ट ने विनेश फोगाट पर क्या फैसला सुनाया था?

दिल्ली हाईकोर्ट ने 22 मई को पहलवान विनेश फोगाट के हक में ऐतिहासिक फैसला सुनाया था. कोर्ट ने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को फटकार लगाते हुए विनेश को 2026 एशियन गेम्स के ट्रायल्स में भाग लेने की अनुमति दी थी और स्पष्ट रूप से कहा था कि मां बनना किसी भी महिला एथलीट के करियर में रुकावट नहीं बन सकता.

हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि 30-31 मई को होने वाले चयन ट्रायल की वीडियो रिकॉर्डिंग WFI करेगी और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) का एक-एक इंडिपेंडेंट ऑब्जर्वर भी मौजूद रहेगा. हाईकोर्ट ने विनेश फोगाट को नोटिस भेजने के लिए भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) को भी कड़ी फटकार लगाई थी. दरअसल डब्ल्यूएफआई ने विनेश को नोटिस भेजकर कहा था कि पेरिस ओलंपिक में वजन ज्यादा होने के कारण उनका बाहर होना देश के लिए शर्म का विषय था.

सुप्रीम कोर्ट पहुंची WFI

हाईकोर्ट का फैसला जब विनेश फोगाट के पक्ष में आया, तो WFI ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया. पूर्व में डब्ल्यूएफआई के सूत्रों ने . से ​​कहा था, ‘हम कोर्ट के आदेश का सम्मान करते हैं और संघ इस फैसले को चुनौती नहीं देगा. विनेश फोगाट को ट्रायल्स में हिस्सा लेने दिया जाएगा.’ साथ ही महासंघ ने संकेत दिया था कि यदि फोगाट ट्रायल्स के जरिए क्वालीफाई भी कर लेती हैं, तो भी लॉजिस्टिक्स से जुड़ी दिक्कतें आ सकती हैं, क्योंकि इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट इस महीने की शुरुआत में ही जापान भेजी जा चुकी है.

संघ की तरफ से यह भी कहा गया था कि अगर किसी तरह हम उन्हें एक ‘आइकॉनिक खिलाड़ी’ के तौर पर टीम में शामिल कर भी लेते हैं, तो उन्हें 50 किलोग्राम वर्ग में ही मुकाबला करना होगा. अब देखना होगा कि शुक्रवार को विनेश फोगाट के मामले में सुप्रीम कोर्ट क्या फैसला लेती है.

सुप्रीम कोर्ट ने विनेश फोगाट को लेकर क्या फैसला सुनाया?

दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा पहलवान विनेश फोगाट को अनुमति देने के फैसले को चुनौती देने वाली WFI की याचिका की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने विनेश फोगाट से कहा, “आप एक उत्कृष्ट खिलाड़ी रही हैं. लेकिन देश सबसे पहले आता है.”

न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा ने सुनवाई के दौरान कहा, “ये मेडिकल कॉलेज में एडमिशन का मामला नहीं हैं, ये नेशनल और इंटरनेशनल खेल हैं. ऐसा नहीं हो सकता कि अदालतें इस तरह हस्तक्षेप करें और पूरे कार्यक्रम को बाधित करें.”

ओलंपिक फाइनल से डिस्क्वालिफाई हुई थीं विनेश

7 अगस्त 2024 को विनेश फोगाट महिलाओं की 50 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती के फाइनल में पहुंच गई थीं। लेकिन फाइनल मुकाबले से पहले सुबह हुए आधिकारिक वजन किया गया, तो तय सीमा से 100 ग्राम ज्यादा पाया गया. इसी कारण उन्हें डिस्क्वालिफाई कर दिया गया था. विनेश ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनी थीं. यदि वह फाइनल खेलती, तो कम से कम भारत का सिल्वर तो पक्का हो जाता. हालांकि, इस विवाद के बाद जब वह भारत लौटीं, तो उन्होंने संन्यास का ऐलान कर दिया था और फिर कांग्रेस पार्टी ज्वॉइन कर ली थी.

जनवरी 2023 में विनेश फोगाट भी थीं प्रदर्शन का हिस्सा

Vinesh Phogat WFI Controversy
Vinesh Phogat WFI Controversy Photograph: (Image Source: AFP)

दिग्गज भारतीय पहलवान विनेश फोगाट और भारतीय कुश्ती महासंघ के बीच रिश्ते पिछले काफी वक्त से अच्छे नहीं हैं. जनवरी 2023 में विनेश ने साथी पहलवानों के साथ मिलकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना शुरू किया था. तब उन्होंने WFI अध्यक्ष ब्रिज भूषण चरण सिंह पर महिला पहलवानों के यौन शोषण, डराने-धमकाने और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे, लंबे वक्त तक चले पहलवानों के प्रदर्शन के बाद आखिरकार ब्रिज भूषण को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था.

विनेश फोगाट की उपलब्धियां

भारतीय दिग्गज पहलवान विनेश फोगाट ने कई मौकों पर देश का नाम रौशन किया है और तमाम बड़े इवेंट्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया है. 2014, 2018 और 2022 के कॉमनवेल्थ गेम में विनेश फोगाट ने गोल्ड मेडल जीते. एशियन गेम्स 2018 और 2014 में ब्रॉन्ज मेडल जीते. वर्ल्ड चैंपियनशिप 2019 और 2022 में ब्रॉन्ज मेडल जीता. एशियन चैंपियनशिप 2021 में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीते.

  • 2014 (ग्लासगो): 48 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता 
  • 2018 (गोल्ड कोस्ट): 50 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता 
  • 2022 (बर्मिंघम): 53 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर गोल्ड मेडल की हैट्रिक पूरी की.
प्रतियोगिता उपलब्धि
कॉमनवेल्थ गेम्स 2014, 2018 और 2022 में गोल्ड मेडल
एशियन गेम्स 2018 में गोल्ड और 2014 में ब्रॉन्ज मेडल
वर्ल्ड चैंपियनशिप 2019 और 2022 में ब्रॉन्ज मेडल
एशियन चैंपियनशिप 2021 में गोल्ड, कई सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल
ओलंपिक तीन ओलंपिक में हिस्सा लेने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान
पेरिस ओलंपिक 2024 ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान
राष्ट्रीय सम्मान अर्जुन अवॉर्ड और पद्मश्री से सम्मानित
खेल रत्न मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार प्राप्त

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